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Tuesday, July 3, 2007

जब बेवफ़ाई पर भी तुझको प्यार आये









इश्क वो इबादत है
आँखो में हो आँसू


ओंठो पे मुस्कान उभर आये
प्यार में टूट कर मंजिल पर पहुंच जाये


महबूब के दीदार से दिल मे पाकी़जगी का हो एहसास
और दिल से निकली हुई आहों मे हो दुआयें


कितना ही क्यो न हो महबूब फ़रेबी
फिर भी देखो जब उसे तो प्यार उमड़ आये


तेरा काम ही है आशनायी कृष्ण
बात तब है जब बेवफ़ाई पर भी तुझको प्यार आये


कृ्ष्ण कुमार मिश्र
लखीमपु्र खीरी
9451925997